19 thoughts on “Pakistani Celebrities Urdu Poetry Compilation Part 2 | Poetry One

  1. मेरा ये ख्वाब भी मुक्कमल नहीं हुआ।

    मे उसकी आँख का काजल नहीं हुआ

    मुझे मर्ज दीदार ए यार का था साहब

    बचता केसे मेरा इलाज मुस्लसल नहीं हुआ

    मोहब्बत तो अब भी इतनी ही है तुमसे

    बिझडकर मसले का हल नहीं हुआ

    ये जो तुम्हारी शायरी मे दर्द है दोस्तों

    लगता है तुम्हारा इश्क मुक्कमल नहीं हुआ

    मोहब्बत तो उसने भी की थी तुमसे (सलमान)

    लेकिन वो तुम्हारी तरह पागल नही हुआ

    Writer Salman khan G

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